DOWNLOAD OUR APP
IndiaOnline playstore
10:13 PM | Tue, 28 Jun 2016

Download Our Mobile App

Download Font

फिंगर प्रिंट के अध्ययन के लिए अनुसंधान संस्थान बने : गौर

146 Days ago

राजधानी भोपाल में बुधवार को ऑल इण्डिया फिंगर प्रिंट ब्यूरो कांफ्रेंस के समापन अवसर पर गौर ने कहा, "फिंगर प्रिन्ट पर हो रहे अनुसंधान से अपराधियों को पकड़ने और उन्हें सजा दिलाने मंे कामयाबी मिली है।"

उन्होंने बताया कि भारतीय समाज में पहले विभिन्न लेन-देन के समय दस्तावेजों पर अंगूठे का चिन्ह् लगाया जाता था। इसी से स्पष्ट होता है कि भारत फिंगर प्रिंट अध्ययन और मिलान के विषय में प्राचीन समय से ही ज्ञाता रहा है। वर्तमान में आधुनिक तकनीकी संस्थानों के कारण यह कार्य अब सरल हो गया है। इसमें निरंतर सुधार की सम्भावनाएं हैं।

कार्यक्रम में गौर ने जटिल प्रकरणों में फिंगर प्रिंट के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाने में सफल होने पर तीन सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान प्रकरणों के फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों को पुरस्कृत भी किया। उन्होंने आन्ध्रप्रदेश के जी. मनोहर बाबू को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। उड़ीसा के एस. सेठी, ए. महापात्रा और सी.आर. नायक को संयुक्त रूप से द्वितीय पुरस्कार, मध्यप्रदेश के ए.के. राय को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

एनसीआरबी के महानिरीक्षक राजा श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिवसीय इस कांफ्रेंस में सभी राज्यों के फ्रिंगर प्रिंट ब्यूरो में एकरुपता व समानता लाने, सीसीटीएनएस प्रणाली में सामंजस्य, फिंगर प्रिन्ट परीक्षा को आनलाइन करने और आटोमेटेड फिंगर प्रिंट सिस्टम लागू करने के संबंध में विशेष तौर पर विचार विमर्श किया गया।

फिंगर प्रिंट की अखिल भारतीय परीक्षा में अव्वल आने वाले आंध्रप्रदेश के पवन कुमार को प्रथम, आंध्रप्रदेश की ही रुकमणि देवी को द्वितीय और हरियाणा की ममतेश रानी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम के अन्त में मध्यप्रदेश की विशेष पुलिस महानिदेशक रीना मित्रा ने आभार व्यक्त किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Viewed 23 times
  • SHARE THIS
  • TWEET THIS
  • SHARE THIS
  • E-mail

Our Media Partners

app banner

Download India's No.1 FREE All-in-1 App

Daily News, Weather Updates, Local City Search, All India Travel Guide, Games, Jokes & lots more - All-in-1